सऊदी अरब और रसिया मिलाया एक साथ करेंगे आतंकवादियों का सफाया।

सऊदी अरब और रसिया मिलाया हाथ कहां एक साथ करेंगे आतंकवादियों का सफाया। सऊदी अरब और रसिया के बीच बैठक के बाद रसिया ने ऐलान किया है कि वह सऊदी अरब के साथ मिलकर आतंकवादियों के खिलाफ मुहिम चलाएगा और आतंकवादियों का सफाया करेगा सऊदी अरब ने भी किस तरह भरी है और रजिया का साथ देने का वादा किया है कि वह साथ मिलकर आतंकवादियों के खिलाफ काम करेंगे।

सऊदी अरब जो आतंकवादियों का सबसे बड़ा समर्थन करने वाला देश है क्योंकि जितने भी हथियार मिलते हैं आतंकवादियों के पास वह अमेरिका के हथियार होते हैं जो सऊदी अरब के जरिए उन तक पहुंचते हैं सऊदी अरब दुनिया के सामने कुछ और जाहिर करता है लेकिन हकीकत में वह इसका समर्थन करता है।

अमेरिका और सऊदी अरब दोनों के बीच अच्छे संबंध है काफी लंबे समय से और सऊदी अरब हमेशा अमेरिका का समर्थन करता है अमेरिका के खिलाफ कभी भी कोई भी कदम नहीं उठाता है और अमेरिका वह देश है जिसने आतंकवाद को पैदा किया अपने फायदे के लिए और उसे इस्तेमाल किया पैसे कमाने के लिए जिसके लिए वह मुसलमानों को जिम्मेदार बताता है और इसका सबसे ज्यादा खामियाजा मुसलमानों को भुगतना पड़ रहा है।

सऊदी अरब और अमेरिका ने मिलकर यह काम किया और सारी दुनिया के मुसलमानों जान देकर इसका खामियाजा भुगत रहे हैं सऊदी अरब जो मुसलमानों पर पीठ पीछे वार कर रहा है यमन पर हमला करके सऊदी अरब हजारों मासूमों की जान ले रहा है इस पर कोई भी सवाल नहीं उठाए जा रहे हैं यहां तक कि यूनाइटेड नेशन भी अब बिक चुका है अमेरिका और अमेरिका के साथियों के खिलाफ हो कोई भी कड़े कदम नहीं उठाता है।

रसिया जो अमेरिका का सबसे बड़ा दुश्मन है और रसिया के समर्थन में ईरान चाइना तुर्की और भी कई देश है जो अमेरिका के खिलाफ खड़े हैं लेकिन सऊदी अरब कभी भी अपने वादों को पूरा नहीं करेगा क्योंकि वह खुद इसका जिम्मेदार है।

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